वो सुनहरा पल
वो शाम-ए-ग़ज़ल
वो मन शीतल
वो चंचल पवन
मन की आँखों से देखो, देखो क्या दिखता है
मन की आँखों से देखो, देखो क्या दिखता है
वो कहानियाँ
मेहरबानियाँ
वो अठखेलियाँ
वो नादानियाँ
मन की आँखों से देखो, देखो क्या दिखता है
मन की आँखों से देखो, देखो क्या दिखता है
वो भीगा समां
नीला आसमान
वो रौनक वहाँ
वो जीवन यहाँ
मन की आँखों से देखो
देखो क्या दिखता है
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