Tuesday, April 7, 2026

Man Ki Ankhon Se Dekho

मन की आँखों से देखो, देखो क्या दिखता है
वो सुनहरा पल
वो शाम-ए-ग़ज़ल
वो मन शीतल
वो चंचल पवन

मन की आँखों से देखो, देखो क्या दिखता है

मन की आँखों से देखो, देखो क्या दिखता है

वो कहानियाँ
मेहरबानियाँ
वो अठखेलियाँ
वो नादानियाँ

मन की आँखों से देखो, देखो क्या दिखता है

मन की आँखों से देखो, देखो क्या दिखता है

वो भीगा समां
नीला आसमान
वो रौनक वहाँ
वो जीवन यहाँ

मन की आँखों से देखो
देखो क्या दिखता है
©️ Copyright 2026. Dr Jaya Sonkar MD MPH.  All Rights Reserved 

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